मधेपुरा: विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन एबीवीपी मधेपुरा इकाई ने विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान छात्र-छात्राओं की गंभीर समस्या की ओर आकृष्ट कराया है. परिषद ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा वेबसाइट लॉन्च कर यह व्यवस्था की गई थी कि छात्र-छात्राओं के सभी प्रमाण पत्र डाक के माध्यम से उनके घर भेजे जाएंगे. इसके लिए प्रत्येक छात्र से ₹600 शुल्क भी लिया गया था. परिषद के अनुसार, विगत कई दिनों से बड़ी संख्या में छात्रों को उनके प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं. इससे हजारों छात्र-छात्राओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. प्रमाण पत्र नहीं मिलने के कारण छात्र बेवजह विश्वविद्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं, जिससे उनका समय और आर्थिक संसाधन दोनों प्रभावित हो रहे हैं. एबीवीपी मधेपुरा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि इस व्यवस्था को अविलंब दुरुस्त किया जाए, ताकि छात्रों को समय पर उनके प्रमाण पत्र मिल सकें. साथ ही परिषद ने यह भी कहा कि प्रमाण पत्र के लिए लिया जा रहा ₹600 शुल्क अत्यधिक है, जिसे कम किया जाना चाहिए.
इस संबंध में राज्य विश्वविद्यालय कार्य संयोजक सौरभ यादव ने कहा विश्वविद्यालय द्वारा छात्रों से शुल्क लेर भी समय पर प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है. हजारों छात्र अपने भविष्य और रोजगार से जुड़े कार्यों के लिए प्रमाण पत्र के इंतजार में हैं. प्रशासन को चाहिए कि अविलंब इस समस्या का समाधान करे और पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करे. यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो एबीवीपी छात्रहित में चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगी. इस मौके पर प्रदेश कार्यकारणी सदस्य मनीष कुमार,शशि यादव, राज आर्यन,अमृत राज आदि उपस्थित रहे.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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