अवैध ब्रेकर का कारण दुर्घटनाएं
पिछले 15 दिनों से जोरगामा के पास स्थानीय ग्रामीणों द्वारा सड़क पर मनमाने ढंग से तीन अत्यंत ऊंचे ब्रेकर बना दिए गए हैं. हाईवे होने के कारण यहाँ वाहन तीव्र गति से चलते हैं, और अचानक इन ऊंचे अवरोधकों के सामने आने से गाड़ियाँ अनियंत्रित होकर पलट रही हैं. बिना किसी रिफ्लेक्टर या सूचना बोर्ड के बने ये ब्रेकर नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं.
आरटीआई की धारा 7(1) का प्रयोग
आरटीआई कार्यकर्ता ललन कुमार ने विभाग को कड़े लहजे में पत्र लिखकर पूछा है कि आखिर किसके आदेश पर हाईवे पर ये अवैध निर्माण किए गए? उन्होंने आरटीआई कानून की धारा 7(1) का हवाला देते हुए लोक सूचना अधिकारी (PIO) से 48 घंटे के भीतर सूचना मांगी है.
ललन कुमार का कहना
ललन कुमार का कहना है कि यह मामला सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से जुड़ा है. यहाँ रोज गाड़ियां दुर्घटनाग्रस्त हो रही हैं और प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है. अगर 48 घंटे में विभाग संतोषजनक कार्रवाई नहीं करता है, तो हम इस मामले को राज्य सूचना आयोग तक लेकर जाएंगे.
प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर इस तरह के अवैध निर्माण से न केवल यातायात बाधित हो रहा है, बल्कि एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं को भी भारी परेशानी हो रही है. अब देखना यह है कि ललन कुमार द्वारा उठाए गए इस कानूनी कदम के बाद विभाग की नींद खुलती है या किसी बड़े हादसे के बाद ही इन जानलेवा ब्रेकरों को हटाया जाएगा.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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