
मधेपुरा: जिले के धुरगांव स्थित शिव मंदिर परिसर (वार्ड-9, गिद्धा टोला) रविवार को स्वास्थ्य जागरूकता का केंद्र बना रहा, जहां “श्री जीवन अमृत आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र” के तत्वावधान में आयोजित निःशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श शिविर में सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी. सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चले इस शिविर में दूर-दराज के गांवों से पहुंचे मरीजों ने विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेकर उपचार संबंधी जानकारी प्राप्त की. शिविर में पेट रोग, किडनी की पथरी, स्त्री रोग, डायबिटीज, छाती रोग, वात रोग, चर्म रोग सहित किडनी एवं लिवर से जुड़ी जटिल बीमारियों के मरीजों की जांच की गई. मरीजों को आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से जड़ से उपचार के उपाय सुझाए गए, जिससे उन्हें दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद जगी.

प्राकृतिक चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. एस.एन. कुमार ने कहा कि आयुर्वेद केवल बीमारी का इलाज नहीं, बल्कि शरीर के संपूर्ण संतुलन को स्थापित करने की विज्ञानसम्मत पद्धति है. उन्होंने बताया कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में प्राकृतिक चिकित्सा अपनाकर कई गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है. शिविर के माध्यम से लोगों को दवा के साथ-साथ दिनचर्या, आहार और जीवनशैली में सुधार के प्रति भी जागरूक किया गया. शिविर में पहुंचे मरीजों ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि बिना किसी शुल्क के विशेषज्ञ परामर्श मिलना उनके लिए बड़ी राहत है. खासकर लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे लोगों को इस पहल से नई उम्मीद मिली है. कई मरीजों ने नियमित रूप से आयुर्वेदिक उपचार अपनाने की इच्छा भी जताई.
कार्यक्रम के स्थानीय व्यवस्थापक एवं समाजसेवी मदन कुमार उर्फ मेहमान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के स्वास्थ्य शिविर अत्यंत आवश्यक हैं, जहां जरूरतमंद लोगों को सहज और सुलभ इलाज मिल सके. उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी चिकित्सकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आगे भी इस तरह के जनहितकारी प्रयास जारी रहने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके. आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह के निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा के प्रति लोगों का विश्वास और जागरूकता दोनों बढ़े. शिविर को सफल बनाने में प्रबंधक विवेक कुमार, रवि राज, विनीत कुमार, ब्रजेश कुमार, मिथलेश कुमार हरिओम, विजय कुमार सहित कई सहयोगियों की सक्रिय भूमिका रही.
(रिपोर्ट:- ईमेल)
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