विवादों के बीच सम्पन्न हुआ राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

Home Top Ad

Post Top Ad

22 दिसंबर 2025

विवादों के बीच सम्पन्न हुआ राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव

मधेपुरा: कला और संस्कृति एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव के अंतिम दिन स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भाव नृत्य, गीत व गजल से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम की शुरुआत बीके पब्लिक स्कूल प्रकाश कुमार व साथी ने समूह लोकनृत्य से हुई. आरती आनंद कृष्ण भजन के जरिये कृष्ण भक्तों व दर्शकों का मनमोहित किया. नवाचार रंगमंडल मो. फैयाज व साथी ने कृष्ण-सुदामा के भाव नृत्य से दर्शकों को भावुक कर दिया. कलाकारों ने दिखाया कि भगवान कृष्ण ने अपने बचपन के मित्र सुदामा को पाकर कितना भावुक हुआ. अपने मित्र का चरण अपने अंशु से धोया और अपने बराबरी में बिठाया. भावनृत्य देखकर दर्शक भावुक हो गए. संगम कुमारी विवाह गीत, भवेश कुमार नेे ताकते जो रहते तुझको सांझ सवेरे, आलोक राज ने लागा चुनरी में दाग, नारायण कुमार ने गजल "है जिंदगी कितनी खूबसूरत उन्हें अभी ये पता नहीं है" गजल की प्रस्तुति दी. संगीत शिक्षक व गायक रौशन ने मंच पर आते ही फुट फुट कर रोने लगे. उनका कहना था कि वे जब दूसरे जिला में महफ़िल सजाते हैं तो हजारों लोग उन्हें सुनने के लिए जमा रहते हैं. लेकिन मधेपरा में राजकीय महोत्सव में उन्हें समय नहीं मिल रहा है. उन्होने जिला प्रशासन से प्रार्थना किया कि इसमें सुधार किया जाए. पृथ्वीराज यदुवंशी ने भावुक रौशन को स्थिर कराया. फिर गायक रौशन कुमार ने गजल हम तेरे शहर में आए है मुसाफिर की तरह और याद याद याद बस याद रह जाती है. गाकर दर्शकों को आनंदित किया. 


गायिका शशिप्रभा जायसवाल ने बांके बिहारी की देख छटा, मेरो मन है गयो लटा पटा भजन गाकर खूब तालियां बटोरी. डीफॉरडी ने भाव नृत्य और कला संगम ने मयूर समूह नृत्य की प्रस्तुति देकर खूब वाह - वाही लूटी. बता दें कि गोपाष्टमी महोत्सव के अंतिम दो दिनोंं की प्रस्तुति के लिए सहरसा के दो प्रसिद्ध कलाकारों को अतिथि कलाकार के रूप में बुलाए जाने पर कुछ स्थानीय कलाकारों ने विरोध दर्ज कराया है. स्मरण हो कि इसी गोपाष्टमी महोत्सव के मंच पर 2022 में मधेपुरा की बेटी सुर संग्राम फेम प्रिया राज को अतिथि कलाकार के रूप में आमंत्रित किया गया था, तो उस समय किसी ने कोई विरोध दर्ज नहीं कराया था लेकिन आज सहरसा जिले के सारेगामापा फेम जय झा और प्रसिद्ध गायिका श्यामा शैलजा को अतिथि कलाकार के रूप में आमंत्रित किया गया तो विरोध शुरू हो गया. इस मामले से सम्बन्धित विडियो शनिवार रात से ही सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 
अतिथि कलाकार राधा श्रीवास्तव
वहीं स्थानीय कलाकारों के बाद अतिथि कलाकार राधा श्रीवास्तव ने हनुमान भजन "दुनिया में देव हजारों है, बजरंगबली का क्या कहना" से अपनी प्रस्तुति की शुरुआत की. बजरंगली के इस भजन से श्रीकृष्ण गोशाला परिसर के वातावरण को भक्तिमय हो गया. दर्शकों ने तालियों से राधा श्रीवास्तव का स्वागत किया. उसके उन्होंंने जैसी ही राम भजन "राम आएंगे तो अंगना सजाऊंगी" शुरू किया वैसे ही महोत्सव में उपस्थित सभी राम भक्त झूम उठे. राधा श्रीवास्तव के स्वयं के द्वारा गाया हुआ गीत चटनियां हे सइयाँ सिलवट पे पिसी गीत पर दर्शकों ने खूब मनोरंजन किया. राधा श्रीवास्तव ने दर्शकों के बीच जाकर दर्शकों को थिरकने पर मजबूर किया. भजन और हिंदी गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित किया. बाद में राधा श्रीवास्तव और उसके पति अमित रंजन श्रीवास्तव ने रात श्याम सपने में आए..., पग पग लिए जाऊं तोहरे बलैयां में..., कृष्ण भजन अरे द्वारपालो कन्हैया से कहदो, अरेरे मेरी जान है राधा...,सोने के थारी में अरे जोनों परोसो, मेरे रस के कमल तूने पहली नजर जब नजर से मिलाई मजा आ गया. 


मालूम हो कि राधा श्रीवास्तव और अमित रंजन दोनों पति पत्नी अपने घर में घरेलू कार्य के दौरान हिंदी गीत पर स्वरचित रोमांटिक गीत रील द्वारा प्रस्तुत करते रहते हैं जो खूब वायरल चलता है. इसलिए अधिकांस दर्शक भी उनसे अवगत थे. महोत्सव के समापन पर सांस्कृतिक कला पदाधिकारी आम्रपाली कुमारी और गौशाला के सचिव पृथ्वीराज यदुवंशी ने पार्श्व गायिका राधा श्रीवास्तव और उनके पति अमित रंजन को स्मृति चिन्ह और अंग वस्त्र से सम्मानित किया. अंत में सांस्कृतिक पदाधिकारी आम्रपाली कुमारी ने कार्यक्रम में आए अतिथियों और दर्शकों का धन्यवाद ज्ञापन किया. कार्यक्रम का मंच संचालन संगीत शिक्षिका शशि प्रभा जायसवाल एवं समीक्षा यदुवंशी ने संयुक्त रूप से किया.

(रिपोर्ट:- ईमेल)

पब्लिसिटी के लिए नहीं पब्लिक के लिए काम करना ही पत्रकारिता है....

Post Bottom Ad

Pages