स्थानीय कलाकारों को नहीं मिला उचित अवसर: राहुल - मधेपुरा खबर Madhepura Khabar

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22 दिसंबर 2025

स्थानीय कलाकारों को नहीं मिला उचित अवसर: राहुल

मधेपुरा: गोपाष्टमी महोत्सव में कला संस्कृति पदाधिकारी द्वारा स्थानीय कलाकारों की उपेक्षा, तथाकथित ख्याति प्राप्त कलाकारों के नाम पर भ्रम, बार-बार एक ही एजेंसी को कार्यक्रम दिए जाने एवं समिति संचालन में अनियमितता को लेकर सोमवार को माया अध्यक्ष राहुल यादव ने जिलाधिकारी अभिषेक रंजन को आवेदन दिया है. आवेदन में राहुल यादव ने कहा कि जिले में आयोजित राजकीय गोपाष्टमी महोत्सव के संचालन को लेकर गंभीर अनियमितताओं एवं मनमानी की लगातार शिकायतें सामने आ रही है. जिससे महोत्सव की पारदर्शिता एवं गरिमा पर प्रश्नचिह्न लग रहा है. राजकीय महोत्सवों का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि स्थानीय संस्कृति, परंपरा एवं कलाकारों को प्रोत्साहित करना एवं देश के विभिन्न क्षेत्रों की विशिष्ट कला-संस्कृति से आम जनता को परिचित कराना होता है. गोपाष्टमी महोत्सव में इस उद्देश्य की अनदेखी की गई है. स्थानीय कलाकारों को उचित अवसर नहीं दिया गया, जबकि बार-बार एक ही एजेंसी एवं सीमित लोगों को कार्यक्रम सौंपा गया है. यह भी गंभीर तथ्य सामने आया है कि क्षेत्रीय अथवा सामान्य स्तर के कलाकारों को आमंत्रित कर उन्हें ख्याति प्राप्त कलाकार बताकर प्रस्तुत किया जाता है, जो पूरी तरह भ्रामक है. इससे न केवल सरकार की मंशा के साथ छल होता है, बल्कि वास्तविक रूप से ख्याति प्राप्त कलाकार एवं योग्य स्थानीय कलाकार, दोनों के साथ अन्याय होता है. 

राजकीय मंच से किसी कलाकार को ख्याति प्राप्त बताने के लिए उसके कार्य, पहचान एवं उपलब्धियों का स्पष्ट मानक होना चाहिए, जिसे जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है. ऐसी परंपरा पर तत्काल रोक लगना आवश्यक है. इसके अतिरिक्त यह भी देखा गया है कि महोत्सव से संबंधित समितियों में एक ही व्यक्ति को कई-कई जिम्मेदारियां सौंप दी जाती है. कई समिति में वर्षों से वही सदस्य एवं पदाधिकारी बने हुए हैं, न तो नए सदस्यों को अवसर दिया जाता है और न ही चुनाव की कोई प्रक्रिया अपनाई जाती है, जिससे मनमानी को बढ़ावा मिल रहा है. संगीत शिक्षिका शशि प्रभा जायसवाल के संबंध में भी शिकायतें प्राप्त हुई है कि उनके द्वारा बच्चों पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है. आरोप है कि उन्हें कला संस्कृति पदाधिकारी का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण बच्चे भयवश अपनी समस्याएं सामने नहीं रख पाते हैं. इसी का परिणाम रहा कि हाल ही में एक स्थानीय युवा कलाकार मंच पर भावुक होकर रोने को मजबूर हो गए, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है. 

उन्होंने मांग किया कि गोपाष्टमी महोत्सव समेत जिले में आयोजित सभी राजकीय महोत्सवों की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए. बार-बार एक ही एजेंसी को कार्यक्रम दिए जाने की प्रक्रिया एवं चयन मानक की जांच की जाए. आमंत्रित कलाकार वास्तव में ख्याति प्राप्त है या नहीं, इसके लिए स्पष्ट मापदंड तय किया जाए. क्षेत्रीय कलाकारों को झूठे रूप में ख्याति प्राप्त बताने की परंपरा पर रोक लगाई जाए. शशि प्रभा जायसवाल एवं गौशाला समिति के वर्तमान सचिव पृथ्वीराज यदुवंशी को समिति से बाहर किया जाए. गौशाला समिति समेत जिले की सभी सांस्कृतिक समितियों को भंग कर, नए सिरे से पारदर्शी प्रक्रिया द्वारा सदस्यों का चयन किया जाए. समितियों में स्थानीय नागरिकों, कलाकारों एवं पत्रकारों को प्रतिनिधित्व दिया जाए. स्थानीय कलाकारों को समय पर सम्मानजनक मानदेय एवं उचित मंच उपलब्ध कराया जाए. कार्यक्रमों में निर्णायक की भूमिका केवल विषय विशेषज्ञों को ही दी जाए, ताकि एक ही व्यक्ति द्वारा कलाकार, उद्घोषक एवं जज की भूमिका निभाने की स्थिति समाप्त हो. 
(रिपोर्ट:- ईमेल) 
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